वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार ड्योस सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी की उपस्थिति अमरीकी सरकार के लिये सबसे बड़ी राजनीतिक हार है। इस्लामी रिपब्लिक ईरान की यही राजनीतिक सफलता अमरीकी अख़बारों की सुर्ख़ियां बन रही हैं।इसी बीच वाशिंगटन पोस्ट नें भी एक तरफ़ से ईरान की जीत को स्वीकारा है और दूसरी तरफ़ ड्योस सम्मेलन में राष्ट्रपति रूहानी के भाग लेने पर ग़म व ग़ुस्से का इज़हार किया है। एक समय वह था जब अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ख़ुशी के गीत गा रहे थे कि दुनिया नें ईरान का साथ छोड़ दिया है और वह दुनिया में अकेला पड़ गया है लेकिन आज ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी मुस्कुरा रहे हैं और दुनिया के विभिन्न देशों के शासक उनसे मुलाक़ात का टाइम मांग रहे हैं और विदेशी प्रतिनिधि उनसे व्यापार की बातें करना चाह रहे हैं।जेनेवा समझौते नें ईरान के आर्थिक जगत में नई जान डाल दी है, पाबंदियां हट रही है और विदेशी निवेशक पूरे दिल के साथ तेहरान से सम्पर्क साधने में लगे हुए हैं।
24 जनवरी 2014 - 20:30
समाचार कोड: 500057
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार ड्योस सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी की उपस्थिति अमरीकी सरकार के लिये सबसे बड़ी राजनीतिक हार है। इस्लामी रिपब्लिक ईरान की यही राजनीतिक सफलता अमरीकी अख़बारों की सुर्ख़ियां बन रही हैं।